महासमुंद पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़, झारखंड के जामताड़ा–देवघर से 3 आरोपी गिरफ्तार।

गूगल से कस्टमर केयर नंबर ढूंढना पड़ा भारी, स्क्रीन मिररिंग से खाते से उड़ा लिए 2.49 लाख रुपए।


महासमुंद। जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र में हुई 2 लाख 49 हजार 988 रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए झारखंड के जामताड़ा और देवघर जिले से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महासमुंद पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल, लैपटॉप और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।



पुलिस के अनुसार 4 जनवरी 2026 को तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बिजरापाली निवासी दिनेश कुमार ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके एसबीआई बैंक खाते से 2,49,988 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने BOODMO कंपनी से अपनी कार के लिए व्हील रिम ऑनलाइन ऑर्डर किया था। भुगतान करने के बाद जब ऑर्डर की जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजकर कॉल किया।

कॉल करने पर अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उनसे Helpdesk Host एप डाउनलोड करने को कहा। एप इंस्टॉल करने के बाद आरोपी ने स्क्रीन मिररिंग के जरिए उनके मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लिया और उनके बैंक खाते से 2,49,988 रुपये निकाल लिए।



शिकायत मिलने के बाद थाना तुमगांव में मामला दर्ज कर तकनीकी जांच के लिए डायरी साइबर पुलिस थाना महासमुंद को सौंप दी गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने आरोपियों को ट्रैक करने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर जांच शुरू की। जांच में ठगी के तार झारखंड के जामताड़ा और देवघर जिले से जुड़े पाए गए।

इसके बाद साइबर थाना की टीम झारखंड रवाना हुई और देवघर जिले के ग्राम बेहरापहरी में आरोपियों की तलाश शुरू की। करीब एक सप्ताह की कड़ी मेहनत और तकनीकी मदद से पुलिस ने तीन आरोपियों की पहचान कर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में मुफितयाज अंसारी (19 वर्ष), इरफान अंसारी (40 वर्ष) और मोहम्मद मुख्तार अंसारी (60 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी झारखंड के देवघर जिले के ग्राम बेहरापहरी के निवासी हैं।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सेकेंड हैंड मोबाइल फोन खरीदकर, एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन लगाकर तथा विभिन्न एप्स का उपयोग कर देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में पता चला है कि इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब सहित 14 राज्यों में कुल 36 मामले दर्ज हैं, जिनमें करीब 12 लाख 26 हजार 948 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त 9 एंड्रॉयड मोबाइल फोन (विवो, ओप्पो और आईफोन), एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 2 लाख 88 हजार रुपये बताई जा रही है।

आरोपियों के खिलाफ थाना तुमगांव में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

महासमुंद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप से ही लें। गूगल पर दिखने वाले नंबर फर्जी हो सकते हैं। अनजान एप डाउनलोड करने से बचें और कभी भी फोन पर किसी को ओटीपी, सीवीवी या बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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