महिला समूहों और युवाओं को मिला स्वरोजगार का मार्ग, होमस्टे और टूर गाइडिंग की दी गई जानकारी।
महासमुंद। भारत सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत सीएसआईडीसी के बैनर तले एनआईएमएसएमई (NIMSME) द्वारा बारनवापारा स्थित वन विभाग कार्यालय में 23, 24 और 25 मार्च को सेक्टर स्पेसिफिक इको टूरिज्म प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था, जिसमें प्रतिभागियों को इको टूरिज्म से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा होमस्टे, फार्म स्टे, अनुभवात्मक पर्यटन (Experiential Tourism) तथा टूर गाइडिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ शासन की उद्योग नीति 2024-30 के तहत उपलब्ध योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों की भी जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण में कुल 44 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें बारनवापारा और आसपास के पंचायतों की महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं, महिला उद्यमी तथा युवा टूर गाइड शामिल रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें पर्यटन क्षेत्र में नए अवसरों और व्यवसाय की संभावनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर एसडीओ फॉरेस्ट बारनवापारा श्री कृषाणु चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को इको टूरिज्म के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए रास्ते खोल सकता है। उन्होंने होमस्टे संचालन, पर्यटकों को मार्गदर्शन देने, स्थानीय उत्पादों के विपणन और पर्यटन सेवाओं से जुड़कर आजीविका अर्जित करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
समापन समारोह में श्री चंद्राकर द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही बताया गया कि इस पहल के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं का उद्यम पंजीयन भी जल्द कराया जाएगा, ताकि उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में बारनवापारा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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