चंद्रपाल डड़सेना शासकीय महाविद्यालय, पिथौरा की एनएसएस इकाई ने ग्रामीण विकास और सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश।

 ग्राम परसापाली में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य समापन, सेवा और संस्कार का दिखा अनूठा संगम।

महासमुंद। चंद्रपाल डड़सेना शासकीय महाविद्यालय, पिथौरा के प्रभारी प्राचार्य करुणा दुबे के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारी शेखर कानूनगो के कुशल संचालन में ग्राम परसापाली में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर का समापन पुरस्कार वितरण एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत सदस्य पिथौरा शैलेन्द्री लक्ष्मीचंद ध्रुव उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य एवं शिविर संरक्षक करुणा दुबे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला संगठक एनएसएस महासमुंद डॉ. मालती तिवारी, ग्राम परसापाली के सरपंच तुलाराम ध्रुव, उपसरपंच सोनू राम ध्रुव, सचिव हरिहर यदु, ग्राम प्रमुख रूप सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

महाविद्यालय परिवार की ओर से जितेंद्र पटेल (ग्रंथपाल), सहायक प्राध्यापक ईश्वरलाल पटेल, टिकेश्वरी ध्रुव तथा कर्मचारीगण राकेश तिवारी, रामकुमार रविदास, डेरहीन ध्रुव, छबिलाल पटेल, योगेश पटेल, इंद्रकुमार ध्रुव, नवीन बढ़ाई, छबिलाल यादव सहित अन्य कर्मचारी भी समारोह में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके पश्चात ग्राम परसापाली की बालिकाओं द्वारा मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने अतिथियों का मन मोह लिया। स्वागत उद्बोधन के पश्चात सरपंच तुलाराम ध्रुव ने अपने संबोधन में महाविद्यालय परिवार, कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवकों को सफल शिविर आयोजन के लिए बधाई एवं आभार व्यक्त किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मालती तिवारी ने अपने उद्बोधन में स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य, कर्तव्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्वों की जानकारी देते हुए सात दिवसीय शिविर में किए गए रचनात्मक एवं सेवा कार्यों की सराहना की। अध्यक्षीय संबोधन में प्रभारी प्राचार्य करुणा दुबे ने शिविर के सफल आयोजन हेतु कार्यक्रम अधिकारी, स्वयंसेवकों एवं सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करता है।

मुख्य अतिथि शैलेन्द्री लक्ष्मीचंद ध्रुव ने स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन एवं सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण समाज में जागरूकता एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह के दौरान स्वयंसेवकों एवं ग्रामीण प्रतिभागियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सात दिवसीय शिविर के दौरान प्रेमनारायण सिन्हा सहित 20 से अधिक वरिष्ठ स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग रहा।

दलनायक नूतन कुमार एवं दलनायिका ज्योति बाधवानी के नेतृत्व में राहुल चौधरी, मेघा सिन्हा, तुषार साहू (बरेकैल), तुषार साहू, प्रीति चौहान, एकता मिर्धा, आंशिका प्रधान, देवासिनी यादव, जूही भोई, मोहन नायक, रूपा साहू, छाया साहू, भलेश साहू, प्रशांत सिन्हा, कान्हा निषाद, पुष्पराज पटेल, तुषार महापात्र, चन्द्रशेखर नायक, हिमांशु नायक, अमन पटेल, जिर्मला ठाकुर, संजय पटेल, प्रवीण सिदार, रोहन पटेल, जिनमणी ग्वाल, खेमचंद पटेल, लंकेश्वर, भानुप्रताप नेटी, देव सोनवानी, कुलजीत, टिकेलाल दीवान सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने शिविर में सक्रिय सहभागिता निभाई।

समापन अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट सहभागिता एवं अनुकरणीय सेवाओं के लिए सभी स्वयंसेवकों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथियों को श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

पूरे शिविर के दौरान कार्यक्रम अधिकारी शेखर कानूनगो के साथ-साथ टिकेश्वरी ध्रुव, रामकुमार रविदास, राकेश तिवारी, डेरहीन ध्रुव एवं छबिलाल पटेल प्रतिदिन सक्रिय रूप से जुड़े रहे। अंत में आभार प्रदर्शन के साथ युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका के संदेश के साथ शिविर का विधिवत समापन किया गया।

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