महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 30 किलो गांजा तस्करी मामले में 4 मुख्य आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार।

साइबर टीम की तकनीकी जांच और पुलिस की सटीक रणनीति रंग लाई, 23.22 लाख की जब्ती वाले मामले में 4 गिरफ्तार।



महासमुंद, 07 जुलाई 2026।

महासमुंद पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए चार मुख्य आरोपियों को मध्यप्रदेश के जबलपुर से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना कोमाखान में दर्ज 30 किलो अवैध गांजा तस्करी प्रकरण की जांच के दौरान की गई। आरोपियों में गांजा परिवहन करने वाले दो व्यक्ति, गांजा मंगाने वाला मुख्य आरोपी तथा वाहन स्वामी शामिल हैं।


पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशानुसार लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना कोमाखान पुलिस ने 19 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध सफेद रंग की मारुति डिजायर कार को रोकने का प्रयास किया था।



पुलिस का संकेत मिलते ही कार चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाकर फरार होने लगा। पुलिस ने मोटरसाइकिल से पीछा किया, जिसके बाद रेलवे क्रॉसिंग के पास अंडरब्रिज में आरोपी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। तलाशी लेने पर कार की डिक्की से 30 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है, बरामद किया गया। इसके साथ ही वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।


जांच के दौरान साइबर थाना की तकनीकी टीम ने मोबाइल लोकेशन, वाहन संबंधी जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस टीम को जबलपुर (मध्यप्रदेश) भेजा गया। वाहन स्वामी दुर्गेश चक्रवर्ती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसकी निशानदेही पर गांजा परिवहन करने वाले छोटू सिंह ठाकुर और राजेन्द्र राज चौधरी को गिरफ्तार किया गया।


पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे जबलपुर निवासी संदीप गुप्ता के लिए ओडिशा के बौद्ध जिले से गांजा लेकर आ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने संदीप गुप्ता के ठिकाने पर दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।


इस मामले में पुलिस पहले ही 30 किलो गांजा (कीमत 15 लाख रुपये), एक मारुति डिजायर कार (कीमत 8 लाख रुपये) तथा पांच मोबाइल फोन (कीमत 22,400 रुपये) जब्त कर चुकी है। कुल 23 लाख 22 हजार 400 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।


महासमुंद पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई तकनीकी विश्लेषण, साइबर टीम की सक्रिय भूमिका, सटीक सूचना और पुलिस टीमों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। पुलिस अब इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच कर रही है।

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