महासमुंद पुलिस की बड़ी सफलता: पारधी गिरोह के 7 शातिर चोर गिरफ्तार, ₹12.46 लाख की चोरी की संपत्ति बरामद।
पुलिस के अनुसार 23 जून 2026 को ग्राम रूढ़ा निवासी हरिशचंद्र पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 जून की रात अज्ञात चोर उनके घर में घुसकर अलमारी उठाकर खेत में ले गए और उसे तोड़कर नकदी, सोने की अंगूठियां, लटकन तथा चांदी के पायल चोरी कर फरार हो गए। इस संबंध में थाना सिंघोड़ा में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं अपराधियों के कार्य करने के तरीके (Modus Operandi) का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि घटना से एक दिन पहले आरोपी ग्राम पैकिन में आयोजित एक छठी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पूछताछ और पहचान के बाद पुलिस ने पारधी गिरोह के सात सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रात में ग्राम रूढ़ा स्थित एक बड़े मकान को निशाना बनाया। घर के लोग सो रहे थे, इसलिए अलमारी उठाकर खेत में ले जाकर तोड़ी और उसमें रखी नकदी, सोना एवं चांदी लेकर फरार हो गए। चोरी की नकदी आपस में बांटकर खर्च कर दी गई, जबकि सोना रायपुर निवासी एक ज्वेलर्स को बेच दिया गया और चांदी अपने-अपने घरों में छिपाकर रखी गई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार जोड़ी चांदी के पायल, 63.2 ग्राम से अधिक सोना तथा घटना में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद संपत्ति की कुल कीमत ₹12.46 लाख आंकी गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने जिला सक्ती के जैजैपुर थाना क्षेत्र एवं रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में भी चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इन मामलों में भी आगे की कार्रवाई जारी है तथा चोरी के जेवर खरीदने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।
सभी सातों आरोपियों को 7 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
महासमुंद पुलिस ने इस सफलता का श्रेय त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण तथा पुलिस टीम की सतर्कता को दिया है। यह कार्रवाई जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।


