महासमुंद जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण, किसानों को समय पर उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक।
महासमुंद, 29 मई 2026। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए महासमुंद जिले में किसानों के लिए खाद एवं उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रय केंद्रों में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसानों को खेती कार्य के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपसंचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान समय में यूरिया, डीएपी, सुपर फास्फेट और पोटाश का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक यूरिया 16,409 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8,881 मीट्रिक टन, पोटाश 2,207 मीट्रिक टन तथा डीएपी 6,476 मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है।
वहीं किसानों को अब तक यूरिया 6,908 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 2,939 मीट्रिक टन, पोटाश 343 मीट्रिक टन और डीएपी 1,823 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है तथा किसानों की मांग के अनुसार लगातार उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
पारदर्शी वितरण के निर्देश
कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले की सभी सहकारी समितियों और खाद विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा और निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर
राज्य शासन और कृषि विभाग किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं। विभाग द्वारा किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो यूरिया कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम देता है, जिससे खेती की लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहती है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल आवश्यकता अनुसार ही खाद का उठाव करें तथा अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। डीएपी और यूरिया के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश और नैनो यूरिया का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
अधिकृत केंद्रों से ही खरीदने की अपील
विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा पीओएस मशीन से रसीद अवश्य प्राप्त करें।
इधर खरीफ सीजन की तैयारी के साथ जिले में किसानों ने खाद उठाव भी शुरू कर दिया है। ग्राम मोंगरा के किसान रामलाल साहू ने झालखम्हरिया सोसायटी से खाद प्राप्त करने के बाद बताया कि उन्हें नियमानुसार समय पर खाद मिल गया और किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। समय पर खाद उपलब्ध होने से किसान खेती की तैयारियों में तेजी से जुट गए हैं।
