चलती कार में दोस्तों ने की बेरहमी से हत्या, महानदी किनारे टापू में दफनाया शव; गुमशुदगी जांच में खुला सनसनीखेज राज।



महासमुंद पुलिस ने सुलझाई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी, चार आरोपी गिरफ्तार।


महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में तीन दोस्तों ने अपने ही साथी की चलती कार में बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी और बाद में शव को महानदी किनारे स्थित एक टापू में गड्ढा खोदकर दफना दिया। यह पूरा मामला गुमशुदगी की जांच के दौरान सामने आया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान भुनेश्वर यादव (38 वर्ष) निवासी इंदिरा कॉलोनी, थाना मंदिर हसौद, जिला रायपुर के रूप में हुई है। मृतक 22 मई 2026 की रात से लापता था। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद उसकी पत्नी ने 28 मई को थाना मंदिर हसौद में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पत्नी के बयान से खुला शक का रास्ता


गुमशुदगी की जांच के दौरान मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात उसने अपने पति को मोबाइल पर कॉल किया था। कॉल रिसीव होने पर भुनेश्वर यादव के साथ उसके मित्र नोहर दास रात्रे, अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे की आवाजें भी सुनाई दी थीं। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों को संदेह के दायरे में लेकर पूछताछ शुरू की।

मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना के समय मृतक और आरोपी नांदगांव क्षेत्र में मौजूद थे। पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली।

चलती कार में हुआ था विवाद


मृतक का फोटो 

पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात करीब 11:30 बजे सभी आरोपी और मृतक नोहर रात्रे की ब्रेजा कार क्रमांक CG 04 PH 9996 में बैठकर शराब पीते हुए नांदगांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोहल्ले में पानी की समस्या को लेकर मृतक और आरोपी नोहर रात्रे के बीच विवाद शुरू हो गया।

देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। बीच-बचाव करने पहुंचे अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे से भी मृतक की कहासुनी हो गई। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर चलती कार में ही भुनेश्वर यादव की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

शव छिपाने रची खौफनाक साजिश

मृतक की मौत के बाद आरोपी घबरा गए और शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। आरोपी नोहर रात्रे अपने रिश्तेदार मामा श्रवणदास जांगड़े के पास नांदगांव पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद चारों ने मिलकर महानदी किनारे स्थित एक टापू पर हाथ से गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया।

पुलिस ने कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर शव का उत्खनन कराया और उसकी पहचान कराई।

कार और मोबाइल जब्त, आरोपी जेल भेजे गए

महासमुंद पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 322/2026 के तहत धारा 103(1), 238 एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ब्रेजा कार और चार मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में नोहर दास रात्रे, अमित सिंह राजपूत, हेमचंद बंजारे और श्रवणदास जांगड़े शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।

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