पलसापाली बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती से टूटा अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क, चार आरोपी गिरफ्तार।
महासमुंद, 30 मई 2026। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ महासमुंद पुलिस की मुहिम लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कर रही है। इस बार पुलिस ने केवल गांजा की खेप पकड़ने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि महज 24 घंटे के भीतर गांजा उत्पादन, सप्लाई, परिवहन और खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान 33.050 किलोग्राम गांजा, एक बोलेरो वाहन और तीन मोबाइल फोन सहित कुल 23 लाख 67 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि तस्करी की जड़ तक पहुंचते हुए उड़ीसा के गांजा उत्पादक, मुख्य सप्लायर और छत्तीसगढ़ में गांजा मंगाने वाले डेस्टिनेशन प्वाइंट तक सभी कड़ियों को जोड़कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पलसापाली बैरियर पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई गांजा खेप
थाना बसना पुलिस की टीम 29 मई को पलसापाली बॉर्डर बैरियर पर नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही एक सिल्वर रंग की बोलेरो वाहन क्रमांक OR-13H-4140 को रुकने का संकेत दिया गया।
पुलिस को देखकर वाहन में सवार दो व्यक्ति घबरा गए और गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि पुलिस टीम की तत्परता और रणनीतिक घेराबंदी के कारण दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
बोलेरो से मिला 33 किलो से अधिक गांजा
वाहन की गहन तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई एक सफेद प्लास्टिक बोरी से 33.050 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजा की अनुमानित कीमत 16 लाख 52 हजार 500 रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मौके पर ही गांजा और तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में खुली पूरे नेटवर्क की परतें
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को अहम जानकारियां मिलीं। जांच में पता चला कि आरोपी धीरज कहार स्वयं गांजा की खेती करता था और तैयार माल को सप्लाई के लिए गोपीनाथ यादव को देता था। इसके बाद यह गांजा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाता था।
सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर उड़ीसा और जांजगीर में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गांजा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े मुख्य सप्लायर और डेस्टिनेशन प्वाइंट के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उड़ीसा और छत्तीसगढ़ से चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
1. डमरूधर डडसेना (26 वर्ष)
निवासी – चंद्रमणीपुर, थाना झारबंद, जिला बरगढ़ (ओडिशा)
भूमिका – परिवहनकर्ता
2. धीरज कहार (30 वर्ष)
निवासी – बाबड़ा, चौकी बरिहापड़ा, जिला बौद्ध (ओडिशा)
भूमिका – गांजा उत्पादक एवं परिवहनकर्ता
3. गोपीनाथ यादव (38 वर्ष)
निवासी – भैंसादरहा, थाना झारबंद, जिला बरगढ़ (ओडिशा)
भूमिका – मुख्य सप्लायर
4. मनीष डहरे (47 वर्ष)
निवासी – पुटपुरा, जिला जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
भूमिका – डेस्टिनेशन प्वाइंट एवं खरीदार
23.67 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- 33.050 किलोग्राम गांजा – कीमत ₹16,52,500
- एक बोलेरो वाहन – कीमत ₹7,00,000
- 03 मोबाइल फोन – कीमत ₹15,000
जब्त किए हैं।
कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹23,67,500 है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
महासमुंद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बसना में धारा 20(ख)(ii)(C) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
गांजा तस्करी की हर कड़ी पर महासमुंद पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब कार्रवाई केवल तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांजा उगाने वालों, सप्लायरों, परिवहनकर्ताओं और खरीदारों तक पूरी श्रृंखला को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पलसापाली बॉर्डर पर हुई यह कार्रवाई महासमुंद पुलिस की उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का अभियान चलाया जा रहा है।

