500-500 रुपये के 16,200 नोट मिले, अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन की तैयारी।
महासमुन्द। 08 सितंबर 2026। खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी मामले में महासमुन्द पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रकरण में आरोपी बताए जा रहे मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान की तलाशी लेकर 81 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर जब्त की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई प्रकरण की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के तहत की गई।
पुलिस के मुताबिक, तलाशी की कार्रवाई 07 सितंबर 2026 को आरोपी के मकान में की गई। तलाशी के दौरान मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में एक थैले से 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। इन गड्डियों में कुल 16,200 नोट पाए गए, जिनकी कुल कीमत ₹81,00,000 बताई गई है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन से जुड़ा मामला
महासमुन्द पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन से जुड़ा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस का आरोप है कि खैर लकड़ी के परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई NTPS NOC में कूटरचना कर उसे असली दस्तावेज के रूप में उपयोग किया गया, जिसके आधार पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
न्यायालय से सर्च वारंट लेकर हुई मकान की तलाशी
पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए माननीय न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया।
इसके बाद महासमुन्द पुलिस की टीम ने 07 सितंबर को ग्राम मुड़पार स्थित मकान में तलाशी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान मकान के केयरटेकर तथा गवाह मौजूद रहे। इसी दौरान एक थैले से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
बरामद रकम की गिनती करने पर 500 रुपये के कुल 16,200 नोट, यानी ₹81 लाख नकद पाए गए। पुलिस ने रकम को विधिवत जब्त कर लिया है।
अब ₹81 लाख की कुर्की की तैयारी
महासमुन्द पुलिस के अनुसार, बरामद ₹81 लाख की नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की जा रही है।
पुलिस द्वारा इस रकम की कुर्की के लिए न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए वैधानिक कार्रवाई करना है।
कई धाराओं में दर्ज है अपराध
पुलिस के अनुसार, थाना पिथौरा में दर्ज प्रकरण में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 BNS एवं 25 आर्म्स एक्ट के साथ-साथ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) तथा धारा 52(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और नकदी सहित प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
नोट: ₹81 लाख की बरामदगी और अन्य आरोप पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हैं। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।





