फरारी खत्म: बागबाहरा चाकूबाजी मामले के मुख्य आरोपी जेल भेजे गए, पुलिस की सतत कार्रवाई रंग लाई।
बागबाहरा। महासमुंद पुलिस को बहुचर्चित बागबाहरा चखना सेंटर चाकूबाजी मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगभग दो महीने से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बागबाहरा पुलिस की लगातार निगरानी, सक्रिय मुखबिर तंत्र और सतत प्रयासों का परिणाम बताई जा रही है।
मामला दिनांक 06 अप्रैल 2026 का है, जब बागबाहरा स्थित देसी शराब दुकान के पास संचालित चखना सेंटर में सामान खरीदने और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। जानकारी के अनुसार चखना सेंटर संचालक मोनेस यादव एवं उनके साथ मौजूद छन्नू चक्रधारी का ग्राहक गणपत निषाद से विवाद हो गया।
बताया गया कि विवाद के बाद गणपत निषाद वहां से चला गया और अपने साथियों अर्जुन गोस्वामी, शिवा मांझी, सोनू देवांगन तथा एक नाबालिग को बुलाकर दोबारा मौके पर पहुंचा। आरोप है कि सभी आरोपी धारदार हथियार लेकर पहुंचे और दोबारा विवाद के दौरान चखना सेंटर संचालक मोनेस यादव को जान से मारने की धमकी देते हुए हमला कर दिया।
हमले के दौरान मोनेस यादव पर धारदार चाकू से वार किया गया, जिससे उनके पीठ, पेट और बाएं हाथ पर गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 एवं थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक कुछ आरोपी फरार हो चुके थे।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से आरोपी गणपत निषाद और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ लिया था तथा प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू की गई। इसके बाद पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी रही।
लगातार प्रयास और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने दिनांक 19 जून 2026 को लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सोनू देवांगन (18 वर्ष) एवं अर्जुन गोस्वामी (20 वर्ष), दोनों निवासी बागबाहरा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसक घटनाओं में शामिल आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
