“नवा बिहान” अभियान से जागरूक हो रहे लोग, साइबर ठगी से लेकर नशा मुक्ति तक महासमुंद पुलिस का बड़ा जनजागरण अभियान।

 महासमुंद पुलिस का “नवा बिहान” अभियान बना जनजागरण की मिसाल, साइबर अपराध, नशा मुक्ति और सुरक्षा को लेकर लोगों को किया जा रहा जागरूक।


महासमुंद। जिले में आमजन को अपराधों से सुरक्षित रखने और जागरूक बनाने के उद्देश्य से महासमुंद पुलिस द्वारा “नवा बिहान” जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम गांव-गांव, हाट-बाजार, स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, बैंक और चौक-चौराहों तक पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और गौ तस्करी रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक कर रही है। महासमुंद पुलिस की इस पहल से अब तक 1500 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

महासमुंद पुलिस का यह अभियान केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समय रहते सतर्क और जागरूक कर अपराधों से बचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास बनता जा रहा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा मोबाइल धारकों, स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग तक पहुंचकर उन्हें आधुनिक अपराधों के बदलते स्वरूप और उनसे बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

🟪 हाट-बाजार से गांवों तक पहुंचा पुलिस का जागरूकता संदेश

“नवा बिहान” अभियान के तहत ग्राम बल्दीडीह हाट बाजार, थाना सांकरा के ग्राम छुईपाली बाजार, थाना सिंघोड़ा के ग्राम द्वारतलाकला, चौकी टूहलु, पिथौरा लाखागढ़ चौक, भंवरपुर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीम ने आम जनता को साइबर जागरूकता, अभिव्यक्ति ऐप, यातायात सुरक्षा, महिला संबंधी अपराधों से बचाव और नशा मुक्ति अभियान की जानकारी दी।



🟪 फर्जी लिंक और डिजिटल अरेस्ट से सावधान रहने की सलाह

पुलिस ने लोगों को बताया कि आजकल साइबर अपराधी फेक ट्रेडिंग ऐप, सेक्सटॉर्शन, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी और संदिग्ध APK फाइल भेजकर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी गई कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या APK फाइल को कभी ओपन न करें और न ही बिना सत्यापन किसी पर भरोसा करें।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस अधिकारी, सीबीआई या न्यायिक अधिकारी वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता। यदि कोई इस प्रकार की धमकी देता है, तो घबराएं नहीं और तत्काल पुलिस को सूचना दें।

🟪 सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करना पड़ सकता है भारी

अभियान के दौरान सोशल मीडिया सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना, निजी जानकारी साझा करना या कमजोर पासवर्ड रखना खतरनाक साबित हो सकता है। व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने की सलाह भी दी गई, ताकि अकाउंट हैकिंग से बचा जा सके।

🟪 ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत करें यह काम

पुलिस ने लोगों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करे या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए। साथ ही निकटतम पुलिस थाना या साइबर सेल में भी तत्काल रिपोर्ट करने की अपील की गई।

🟪 “संवाद” हेल्प डेस्क बना लोगों का भरोसेमंद साथी

महासमुंद पुलिस ने आम जनता की मदद और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए “संवाद” शिकायत हेल्प डेस्क की शुरुआत की है। इसका व्हाट्सएप नंबर 9479229939 जारी किया गया है, जहां लोग एक मैसेज के जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अवैध कारोबार, गौ तस्करी, नशा कारोबार या अन्य अपराधों की सूचना दे सकते हैं।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस हेल्पलाइन में गुप्त सूचना देने और सामान्य शिकायत दर्ज कराने के अलग-अलग विकल्प भी उपलब्ध हैं।

🟪 नशा मुक्ति और गौ तस्करी रोकथाम पर भी विशेष फोकस

अभियान के दौरान पुलिस ने युवाओं और नागरिकों से नशे की लत से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। साथ ही गौवंश तस्करी रोकने के लिए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।

🟪 आपात स्थिति में डायल करें 112

पुलिस ने आमजन को डायल-112 सेवा के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना, विवाद, अपराध या किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर पर कॉल करने से पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तुरंत मदद के लिए पहुंचती है।

महासमुंद पुलिस का “नवा बिहान” अभियान अब जिले में जनसुरक्षा और जागरूकता की नई मिसाल बनता जा रहा है, जहां पुलिस और जनता मिलकर सुरक्षित समाज की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post