‘ऑपरेशन निश्चय’ में रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कपड़ा फेरीवालों के वेश में हो रही गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 378 किलो गांजा जब्त।
महासमुंद/रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजा तस्करी का नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया था। बाहर से कपड़ा बेचने वाले साधारण फेरीवाले और अंदर से करोड़ों के नशे के सौदागर—इसी अंदाज में तस्कर उड़ीसा से मध्यप्रदेश तक गांजा पहुंचाने की तैयारी में थे, लेकिन रायपुर रेंज पुलिस की तकनीकी निगरानी, सटीक सूचना और मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले में अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर की गई संयुक्त नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने कुल 378.060 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 89 लाख 03 हजार रुपये बताई जा रही है। वहीं तस्करी में प्रयुक्त 11 वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल 1 करोड़ 98 लाख 05 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में 12 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
कपड़ों के ढेर के पीछे छिपा था गांजा, बाइक में बनवाया गया था गुप्त कम्पार्टमेंट
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने अपनी मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर विशेष लोहे की जाली और गुप्त कम्पार्टमेंट तैयार करवाया था। इन कम्पार्टमेंटों में गांजा छिपाकर उसके ऊपर कपड़ों के गठ्ठर रख दिए जाते थे, जिससे बाहर से देखने पर वे सामान्य कपड़ा फेरीवाले नजर आएं। तस्कर गांव-गांव कपड़े बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स का दिखावा कर पुलिस की नजरों से बचकर नशे की खेप मध्यप्रदेश पहुंचाने की फिराक में थे।
पुलिस के अनुसार, गांजा उड़ीसा के बालिगुड़ा और तितरी रायगढ़ा क्षेत्रों से लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की योजना थी। इससे पहले भी तस्कर एंबुलेंस, केला परिवहन, मूवर्स एंड पैकर्स, ऑटो, बस ट्रेवल्स और ट्रेन जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर चुके हैं, लेकिन रायपुर रेंज पुलिस लगातार इन नए तरीकों को नाकाम करती रही है।
🟥 महासमुंद जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई, 247 किलो गांजा जब्त
रायपुर रेंज के महासमुंद जिले में थाना बसना और कोमाखान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 247 किलोग्राम गांजा जब्त किया। पुलिस ने 7 मोटरसाइकिलों पर सवार तस्करों को पकड़ा, जो खुद को कपड़ा विक्रेता बताकर गांजा ले जा रहे थे।
थाना बसना क्षेत्र में पुलिस ने पांच मोटरसाइकिलों की संदिग्ध गतिविधि देख घेराबंदी की। पूछताछ और तलाशी में पता चला कि बाइक के पीछे विशेष लोहे के कम्पार्टमेंट में गांजा छिपाया गया था। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे यह गांजा उड़ीसा के बालिगुड़ा से ला रहे थे।
इसी दौरान दूसरे मामले में 23 किलो गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना कोमाखान पुलिस ने टेमरी जांच नाका में एक मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों से 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया।
महासमुंद जिले में कुल 247 किलो गांजा, 7 मोटरसाइकिल, 6 मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए 5 लोहे के जाले जब्त किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है।
🟥 धमतरी में 131 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
वहीं रायपुर रेंज के धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने 131.005 किलोग्राम गांजा बरामद किया। यहां तीन मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी कपड़ा फेरीवालों के वेश में गांजा तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।
धमतरी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 131 किलो गांजा, 3 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल फोन और नकदी जब्त की, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 69 लाख 61 हजार रुपये है।
तकनीकी निगरानी और सतर्कता से नाकाम हुई तस्करी
रायपुर जोन पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन निश्चय” के तहत ओडिशा सीमा से लगे जिलों में लगातार नाकेबंदी और वाहन चेकिंग की जा रही है। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और पुलिस की सक्रियता के कारण गांजा तस्करों के नए-नए हथकंडे लगातार नाकाम हो रहे हैं।
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबारी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन रायपुर रेंज पुलिस भी हर नई चाल को समय रहते विफल करने में जुटी हुई है।


