🚨 नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में करोड़ों का घोटाला, केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान गिरफ्तार।
महासमुंद, 30 मई 2026। महासमुंद जिले में धान उपार्जन केंद्रों में सामने आ रहे आर्थिक अनियमितताओं के मामलों के बीच एक और बड़े धान घोटाले का खुलासा हुआ है। बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में किसानों के धान की हेराफेरी और सरकारी राशि के गबन के मामले में पुलिस ने केंद्र प्रभारी महेन्द्र प्रधान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार रुपये से अधिक के गबन का आरोप है।
पुलिस के अनुसार यह मामला प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के अंतर्गत संचालित नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा है। प्रशासनिक जांच के दौरान केंद्र में भारी मात्रा में धान की कमी पाए जाने के बाद यह मामला सामने आया।
प्रशासनिक जांच में खुली घोटाले की परतें
जानकारी के अनुसार 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच दल द्वारा धान उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान केंद्र में 3,642.72 क्विंटल मोटा धान (9,107 कट्टे) कम पाया गया।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि गायब धान का समर्थन मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर कुल 1,12,92,432 रुपये का गबन हुआ है। यह राशि किसानों के हितों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी होने के कारण मामला और गंभीर हो गया।
बैंक प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 29 मई 2026 को थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अपराध क्रमांक 287/2026 के तहत धारा 316(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया जुर्म
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बसना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केंद्र प्रभारी महेन्द्र प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया।
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में केवल केंद्र प्रभारी की भूमिका तक जांच सीमित नहीं रहेगी। घोटाले में अन्य कर्मचारियों, अधिकारियों अथवा संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस आर्थिक लेन-देन, रिकॉर्ड और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
किसानों के हितों से जुड़ा बड़ा मामला
यह घोटाला सीधे किसानों की मेहनत और सरकारी योजनाओं से जुड़ा हुआ है। धान खरीदी केंद्रों में इस तरह की अनियमितताओं को लेकर प्रशासन और पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। हाल के दिनों में महासमुंद जिले में धान उपार्जन केंद्रों से जुड़े कई करोड़ों रुपये के गबन के मामले सामने आए हैं, जिनमें लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं।
👤 गिरफ्तार आरोपी
📌 मुख्य तथ्य
- गायब धान: 3,642.72 क्विंटल (9,107 कट्टे)
- गबन की राशि: ₹1,12,92,432
- दर्ज अपराध: धारा 316(5) बीएनएस
- कार्रवाई: गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल
महासमुंद पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और किसानों के हितों से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
