प्राचीन शिव मंदिर में सुना गया ‘मन की बात’ का 131वां प्रसारण।

जो खेलता है, वही खिलता है - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


पिथौरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण रविवार को ग्राम लाखागढ़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर पिथौरा नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश निषाद, भाजपा अजजा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मन्नूलाल ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता नरेश सिंघल एवं रैदास गोयल, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य एवं सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं पार्षद श्रीमती रामकुंवर छाया सिन्हा सहित रमेश पटेल, किशोर पटेल, इंद्रेश्वर सिन्हा, संतोष गुप्ता एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में आयोजित एआई समिट विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई है। उन्होंने बताया कि भारत में किसानों और पशुपालकों की सहायता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग से वैश्विक समुदाय प्रभावित हुआ है। समिट में भारत की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ तथा तीन ‘मेड इन इंडिया’ एआई मॉडल लॉन्च किए गए, जो देश की बढ़ती तकनीकी ताकत का प्रतीक है।


प्रधानमंत्री ने टी-20 विश्व कप 2026 का उल्लेख करते हुए भारतीय मूल के खिलाड़ियों की वैश्विक उपस्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अमेरिका, ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई और इटली जैसी टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल सहित कई खिलाड़ी भारत के घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहे है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृतियों और देशों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विशेष रूप से उन खिलाड़ियों का उल्लेख किया, जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और जो विदेशों में खेलते हुए भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों से प्रेरणा लेते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने संदेश दिया - जो खेलता है, वही खिलता है।


कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के निधन का उल्लेख करते हुए उसके माता-पिता के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि गहरे दुख के बावजूद अंगदान का निर्णय मानवता और संवेदनशीलता का श्रेष्ठ उदाहरण है।


प्रधानमंत्री मोदी ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि OTP, आधार नंबर या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें। उन्होंने डिजिटल सुरक्षा को दैनिक जीवन की आदत बनाने पर जोर दिया।


कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए समाज और विशेष रूप से युवाओं तक उनके संदेश को पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

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