पिथौरा व्यापारी एकता मंच में चुनाव तय होने के संकेत।

आम सहमति नहीं बनने से बढ़ी चुनाव की संभावना।

महासमुंद (पिथौरा)। नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठन व्यापारी एकता मंच के पुनर्गठन को लेकर व्यापारिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद नए अध्यक्ष एवं नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रारंभिक प्रयास सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी के गठन के रहे, लेकिन आम सहमति नहीं बन पाने के कारण अब चुनाव ही एकमात्र विकल्प के रूप में सामने आता दिखाई दे रहा है।


जानकारी के अनुसार, विगत दिनों अग्रसेन भवन में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन के पुनर्गठन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान अध्यक्ष पद के लिए सात व्यापारियों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। इनमें पूर्व अध्यक्ष गोपाल शर्मा, सुमित अग्रवाल (सोनू), राजेंद्र खनूजा (राजू), संतोष गुप्ता, प्रफुल्ल राजपूत, कुलजीत अजमानी एवं आशीष अग्रवाल (आशु) के नाम प्रमुख रूप से सामने आए।


बैठक में उपस्थित वरिष्ठ व्यापारियों ने सर्वसम्मति से एक नाम तय करने का प्रयास किया, ताकि संगठन की एकता और परंपरा बनी रहे। हालांकि विभिन्न दावेदारों के समर्थन में अलग-अलग मत सामने आने के कारण किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि अब संगठन का नया नेतृत्व चुनाव के माध्यम से ही चुना जाएगा।


यदि चुनाव होता है तो यह व्यापारी एकता मंच के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। लगभग 29 वर्षों बाद व्यापारी भाइयों को अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक तरीके से संगठन का नया नेतृत्व चुनने का अवसर मिलेगा। लंबे अंतराल के बाद संभावित चुनाव को लेकर व्यापारियों में उत्साह के साथ-साथ खासा उत्सुकता का माहौल भी देखने को मिल रहा है।


सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद के सभी संभावित दावेदार व्यापारियों से लगातार संपर्क कर अपना समर्थन मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बाजार में भी चुनाव को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है। व्यापारियों का मानना है कि चुनाव होने से संगठन को लोकतांत्रिक तरीके से नया नेतृत्व मिलेगा, वहीं कई व्यापारी अब भी अंतिम समय तक सर्वसम्मति बनने की उम्मीद लगाए हुए हैं।


व्यापारियों का कहना है कि संगठन का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथों में होना चाहिए जो नगर के व्यापारियों की समस्याओं, जैसे बाजार की यातायात व्यवस्था, पार्किंग, छोटे नोटों की उपलब्धता, सुरक्षा, अतिक्रमण, प्रशासन से समन्वय तथा व्यापारिक हितों से जुड़े अन्य मुद्दों को मजबूती से उठाकर उनका समाधान कराने में सक्षम हो। व्यापारियों का यह भी मानना है कि संगठन केवल पदों तक सीमित न रहकर व्यापारिक हितों की रक्षा और बाजार की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।


सूत्रों के अनुसार, आगामी बैठक में चुनाव कार्यक्रम, मतदाता सूची एवं मतदान की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यदि अंतिम समय तक सर्वसम्मति नहीं बनती है तो व्यापारी एकता मंच में लंबे समय बाद अध्यक्ष पद के लिए सीधा चुनाव होगा, जिसे लेकर सभी की निगाहें संगठन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।


फिलहाल पिथौरा का व्यापारी वर्ग संगठन के अगले निर्णय का इंतजार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि व्यापारी एकता मंच का नया नेतृत्व सर्वसम्मति से चुना जाएगा या फिर चुनावी मुकाबले के बाद नई कार्यकारिणी अस्तित्व में आएगी।




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