🛵 हेलमेट से लेकर सीट बेल्ट और ओवरस्पीड तक... बेमचा स्कूल में छात्रों को समझाए सुरक्षित यातायात के नियम।
महासमुंद, 12 अगस्त 2026। सड़क पर छोटी-सी लापरवाही और जल्दबाजी कई बार जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इसी संदेश के साथ महासमुंद यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बेमचा में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को सुरक्षित आवागमन और यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
हेलमेट और सीट बेल्ट को बनाया सुरक्षा कवच
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की समझाइश दी गई। वहीं चारपहिया वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट लगाने के महत्व को बताया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों को ओवरस्पीड से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार रोमांच नहीं, बल्कि दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती है। निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।
'नजर हटी, दुर्घटना घटी'—मोबाइल से रहें दूर
यातायात पुलिस ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को बेहद खतरनाक बताते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया। पुलिस ने समझाया कि वाहन चलाते समय कुछ सेकंड के लिए भी मोबाइल पर ध्यान जाना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि “नजर हटी, दुर्घटना घटी” को हमेशा ध्यान में रखें और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
नाबालिगों के वाहन चलाने पर भी दी समझाइश
कार्यक्रम में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले जोखिमों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि कम उम्र में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
इसके अलावा सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर, सावधानीपूर्वक सड़क पार करने तथा यातायात संकेतों का पालन करने के बारे में भी जानकारी दी गई।
लापरवाही रोकें, दुर्घटनाएं घटाएं
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे अक्सर लापरवाही, जल्दबाजी, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी जैसे कारण सामने आते हैं। यदि वाहन चालक जिम्मेदारी के साथ यातायात नियमों का पालन करें तो अनेक दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात जागरूकता संबंधी पाम्पलेट भी वितरित किए गए। पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
विद्यार्थियों को बनाया जागरूकता का संदेशवाहक
महासमुंद यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा का संदेशवाहक बनाने की दिशा में भी प्रेरित किया। पुलिस ने कहा कि बच्चे अपने परिवार और समाज में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने महासमुंद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महासमुंद पुलिस की अपील
महासमुंद पुलिस ने आमजन से अपील की कि हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, निर्धारित गति में वाहन चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें और नाबालिगों को वाहन न चलाने दें।
“सुरक्षित रहें, यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें—सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”




