हैंडबॉल में दिखा खिलाड़ियों का दमखम, 218 प्रतिभाओं ने किया कौशल का प्रदर्शन।
महासमुंद।
जिला स्तरीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता (14, 17 एवं 19 वर्ष बालक-बालिका वर्ग) का सफल आयोजन मिनी स्टेडियम महासमुंद में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन श्री राजेश खन्ना कुर्रे, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीढ़ी तथा सहसंयोजक सैयद इमरान अली, व्यायाम शिक्षक के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया।
प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शासकीय एवं निजी विद्यालयों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें गुड शेफर्ड विद्यालय, द न्यू होली फेथ, डीएमएस, बृजराज पाठशाला, आत्मानंद हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम महासमुंद, आत्मानंद साकरा, आत्मानंद पटेवा, हाई स्कूल पिरदा, शिशु संस्कार हाई स्कूल पीढ़ी, मां गायत्री विद्या मंदिर तथा देव संस्कृति विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लगभग 218 खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराते हुए खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया। चयन समिति द्वारा विभिन्न आयु वर्गों से 48 बालक एवं 48 बालिकाओं, कुल 96 खिलाड़ियों का चयन संभाग स्तरीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए किया गया।
जानकारी के अनुसार, बालिका वर्ग की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 10 अगस्त को रायपुर (मोवा) में आयोजित होगी, जबकि बालक वर्ग की प्रतियोगिता 11 अगस्त को महासमुंद में संपन्न होगी। चयनित खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
प्रतियोगिता को सफल बनाने में सुनील भोई, सलीम चौधरी, तृषा शर्मा, नवनीत सिंह, गुरुदत्ता, आशीष कुशवाहा, वैभव मानिकपुरी, सोनिया बंदे, जगदीश धीवर सहित जिले के समस्त व्यायाम शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इसके अलावा महासमुंद जिला हैंडबॉल संघ के कपिल पेदारिया, संजय ध्रुव, टिकेश्वर साहू, कौनन अहमद, प्रशांत, विवेक दास, सागर यादव, सोनू सोनी, शिपेतन रजा, जयचंद दास, आदित्य चंद्राकर एवं लोकेश चौहान की विशेष उपस्थिति एवं सहयोग से प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में महासमुंद जिले के खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।





