सोमनाथ यात्रा से लौटे पिथौरा के प्रतिनिधियों का सम्मान, मन्नूलाल ठाकुर व शंभू शंकर मिश्रा का श्रीफल व भगवा गमछा से स्वागत।

 


पिथौरा। सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में शामिल होकर लौटे पिथौरा के वरिष्ठ पार्षद मन्नूलाल ठाकुर एवं सेवानिवृत्त शिक्षक शंभू शंकर मिश्रा का स्थानीय नागरिकों ने श्रीफल एवं भगवा गमछा भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

22 से 26 जून तक आयोजित इस सांस्कृतिक यात्रा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित विशिष्टजन विशेष ट्रेन से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम दर्शन के लिए रवाना हुए थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक यात्रा ने केवल श्रद्धालुओं को भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का भी जीवंत अनुभव कराया। यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव को भी समान प्राथमिकता दे रही है।


इस यात्रा में प्रदेश के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मान से सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों तथा अन्य विशिष्टजनों ने सहभागिता की। इससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।

सोमनाथ धाम पहुंचकर मन्नूलाल ठाकुर एवं शंभू शंकर मिश्रा ने भगवान सोमनाथ के दर्शन कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के संदेश को आत्मसात किया।

उल्लेखनीय है कि इस सांस्कृतिक यात्रा में पिथौरा से थानेश्वर मंदिर के पुजारी कृष्णा शर्मा एवं पत्रकार संतोष गुप्ता भी शामिल हुए थे। उनकी सहभागिता से पिथौरा का प्रतिनिधित्व और अधिक व्यापक हुआ।

पिथौरा लौटने पर आयोजित सम्मान कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एवं जिला कार्य समिति सदस्य मनमीत सिंह छाबड़ा, पार्षद रामकुंवर रामचंद्र सिन्हा, पार्षद पुष्पकांत पटेल, एल्डरमैन किशोर पटेल, रमेश पटेल, रमाकांत उपाध्याय, इंद्रेश्वर डडसेना, गयाराम धींवर, सीताराम चक्रधारी, सौहाद्र निषाद, सुरेश जलक्षेत्री, खेदूराम निषाद, मोहन ढीमर, काशीराम ढीमर सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

मन्नूलाल ठाकुर ने कहा कि सोमनाथ धाम भारत की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान का प्रतीक है। वहीं शंभू शंकर मिश्रा ने इसे भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

क्षेत्रवासियों ने सभी प्रतिभागियों की सहभागिता को पिथौरा के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक यात्राएं समाज में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक जागरूकता एवं भारतीय मूल्यों के प्रति नई प्रेरणा का संचार करती है।

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